विचारधारा एवं उद्देश्य

यशःकायी डॉ सोनेलाल पटेल एवं इ० बलिहारी पटेल ने देश की बिगड़ी हुई व्यवस्था को देखते हुए समाज के उत्थान के लिए आत्म चिंतन व् समाज की भावनाओ को ध्यान में रखते हुए अपना दल (राजनैतिक पार्टी) 4 नवम्बर 1995 को स्थापित किया जिसमे भारत वर्ष की समस्त जातिओ का उनकी आबादी के अनुपात में भागीदारी का स्थान हैं | जिसको अपना दल की विचारधारा से जनहित में एक सोच के साथ देश में लड़खड़ाती हुई व्यवथा की सुधारने और विकास के मार्ग पर चलने के सन्देश दिया है |

'अपना दल' का मतलब

12 नवम्बर 1995 को दल का संविधान एवं झंडॉ वितरित किया गया। साथ ही दल का मकसद बताया गया, जिसके अनुसार 'अ' से अगड़ा समाज, अल्पसंख्यक समाज (मुस्लिम, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई आदि)। 'प' से पिछड़ा समाज (पिछड़ी सभी जातियां)। 'ना' से नाप तौल करने वाला व्यापारी वर्ग। 'द' से दलित समाज की भागीदारी (22 फीसदी) तथा 'ल' से लाला, कायस्थ,रेड्डी और श्रीवास्तव समाज।